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दुनिया क्या है



 


 हम लोगों के दिल में अक्सर यह सवाल उठता रहता है कि यह दुनिया क्या है, और क्यों है ? यह सवाल  जरूरी भी है, जिस दिन हम इस दुनिया में आते हैं, उसी दिन से हम इस दुनिया से वापस जाने का सफर शुरू कर देते हैं। कोई भी इंसान इस दुनिया में हमेशा के लिए नहीं रह सकता। फिर यह दुनिया क्यों है, क्यों इस दुनिया में हम आते हैं?

इस दुनिया को संत महात्मा सराय  बोलते हैं, सराय उस जगह को कहा जाता है जहां इंसान थोड़े समय के लिए रुक कर वापस चला जाता है। सराय हमेशा वही रहती है लेकिन उसके मुसाफिर बदलते रहते हैं। यह दुनिया सदियों से यहां पर है। कहने का मतलब यह है कि यह सराय यही हैं और मुसाफिर चले गए। यह बात हर इंसान को पता है लेकिन फिर भी वह अनजान बना रहता है। उसके सामने ही उसके बड़े बुजुर्ग इस दुनिया से चले गए लेकिन फिर भी वह इस सच्चाई को स्वीकार करने को तैयार नहीं होता।

इस दुनिया में आकर हम लोग ऐसे रहते हैं जैसे हमने कभी वापस जाना ही नहीं है। हम लोग इतिहास भी पढ़ते हैं, जिसमें बहुत बड़े बड़े राजा महाराजाओं की कहानियां भी हम पढ़ते हैं। देवताओं के बारे में भी पढ़ते हैं लेकिन कभी इस बात को नहीं सोचते कि वह लोग अब कहां है ? इतिहास को हम सिर्फ एक मनोरंजन समझते हैं, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं। इससे बड़ी नादानी हमारी क्या हो सकती है ?

इस दुनिया में आकर हम लोग दिन रात धन दौलत कमाने के बारे में सोचते रहते हैं इस धन दौलत के लिए हम अपना सुख चैन सब कुछ खो देते हैं । इस धन दौलत के लिए हम लोग बेईमानी भी करते हैं लोगों को धोखा भी देते हैं। यह हमारी बेवकूफी नहीं तो और क्या है। जो चीज हमें बहुत कम समय के लिए मिलती है हम लोग उसी चीज के लिए अंधों की तरह इस दुनिया में दौड़ते रहते हैं। एक ऐसी चीज के पीछे दौड़ने का क्या फायदा जो हमें यही छोड़कर जानी है।

इस दुनिया में समय-समय पर साधु महात्मा आते रहते हैं और हमें इस दुनिया की सच्चाई के बारे में बताते रहते हैं लेकिन हमारी हालत अंधों की तरह है। बहुत पहले किसी ने युधिष्ठिर से पूछा कि इस दुनिया में सबसे ज्यादा अजीब चीज क्या है। युधिष्ठिर ने उत्तर दिया कि सबसे ज्यादा अजीब चीज इस दुनिया में यह है कि हम लोग रोज किसी ना किसी को इस दुनिया से जाते हुए देखते हैं लेकिन हम इस दुनिया में ऐसे रहते हैं जैसे कभी वापस जाना ही नहीं।

हम लोग यह भी नहीं सोचते कि जब बड़े बड़े राजे महाराज इस दुनिया से चले गए। संत महात्मा चले गए। इस दुनिया में बहुत से तानाशाह भी आए हैं जो हमारी तरह कभी वापस नहीं जाना चाहते थे । वह भी अपने आप को अमर समझते हैं और पूरी दुनिया पर अपनी हुकूमत चलाना चाहते थे लेकिन आज उनका नामोनिशान भी इस दुनिया में नहीं है। हम लोग कहने को तो बहुत समझदार हैं लेकिन जब इस दुनिया की सच्चाई के हमसे पूछा जाता है तो अनजानो की तरह व्यवहार करते हैं। दुनिया की यह सच्चाई हम इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी कायनात के लिए है, जो भी इस दुनिया में पैदा हुआ है उसे एक ना एक दिन इस दुनिया से वापिस जाना ही होगा। कुदरत के इस कानून को कोई भी नहीं बदल सकता।

बहुत से लोग इस बारे में भी सवाल करते हैं कि यह दुनिया क्यों हैं और हम यहां क्यों है ? ईश्वर ने हमें इस दुनिया में एक मकसद के लिए भेजा है। यह दुनिया करोड़ों सालों से है और हम लोग भी अक्सर यहां पर आते जाते रहे हैं। इस दुनिया को कर्म भूमि भी कहा जाता है जिसने अच्छे कर्म किए हैं उसको यहां अच्छा जीवन मिलता है, जिसने बुरे कर्म किए हैं उसको बुरा जीवन मिलता है। कहने का मतलब यह है कि हम इस दुनिया में अपने कर्मों का भुगतान करते आते हैं। जिस दिन हमारे कर्म खत्म हो जाते हैं हम उस ईश्वर में जाकर वापस समा जाते हैं।

ईश्वर को एक विशाल सागर कहा गया है और हम उस विशाल सागर की बूंदे हैं जो इस दुनिया में आती हैं और अपने कर्म खत्म करके वापस उसी विशाल सागर में जाकर समा जाती हैं। इस दुनिया में ईश्वर हमेशा हमें एक ही मकसद से भेजता है। जो उस मकसद को पूरा करता है वही जाकर परमात्मा में वापस समा जाता है। इस बात को मैं आपको एक छोटी सी कहानी के जरिए समझाने की कोशिश करती हूं।

एक बार राजा ने अपने एक मंत्री को दूसरे देश में किसी काम के लिए भेजा और कहा कि जल्दी से जा कर यह काम खत्म करके वापस आ जाओ। मंत्री दूसरे देश में गया और वहां जाकर वह राजा के काम को भूल गया। दूसरे देश में जाकर उसने अपना काम धंधा शुरू कर लिया, शादी भी कर ली फिर उसके बाद उसके बच्चे भी हो गए। इन सब चीजों को करने में वह इतना ज्यादा व्यस्त हो गया कि वह राजा के काम को भूल ही गया। काम धंधे और परिवार में इतना ज्यादा व्यस्त हो गया कि वह राजा को ही भूल गया। एक दिन राजा ने उसको वापस आने का हुक्म दिया और पूछा कि जिस काम के लिए तुम्हें भेजा गया था उस काम का क्या हुआ ? मंत्री खुश होकर बताने लगा कि राजा मैंने वहां जाकर काम धंधा शुरू कर दिया जिसमें मैंने बहुत तरक्की की बहुत सारा पैसा कमाया, शादी की बाल बच्चे भी हो गए। राजा ने उसको कहा कि जिस काम के लिए तुम्हें भेजा गया था उस काम का क्या हुआ ? राजा की बात सुनकर मंत्री को होश आया और वह रोने लगा। लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था।

इस छोटी सी कहानी का मतलब यह है कि हमें परमात्मा ने इस दुनिया में सिर्फ एक मकसद के लिए भेजा है और वह मकसद है, परमात्मा की प्राप्ति।

दोस्तों हम इस दुनिया में बहुत ही कम समय के लिए हैं। इस दुनिया में उम्र का कोई महत्व नहीं है, हम लोगों में से किसी का कुछ पता नहीं है कब इस दुनिया से वापस जाना पड़े इसलिए हमारी कोशिश यही होनी चाहिए जितनी जल्दी हो सके दुनिया में आने के अपने मकसद को पूरा कर सकें और वापस जाकर उस परमात्मा से मिल सके।

दोस्तों आज का यह लेख सिर्फ लेख नहीं है बल्कि इस दुनिया की सच्चाई है। हम लोग इस दुनिया की सच्चाई को समझें और जल्दी से अपने मकसद को पूरा करें ।

दोस्तों अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो कृपया लाइक और शेयर जरूर कीजिए, अगर आपके दिल में कोई सवाल है तो मुझे कमेंट करके भी पूछ सकते हैं।
धन्यवाद

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